डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट अधिकारियों के लिए यह आचार संहिता, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के बोर्ड के निदेशकों और वरिष्ठ प्रबंधन टीम को नैतिक और वैध आचरण के बेहतरीन मानक को बनाए रखने में सहायता करने के लिए एक गाइड है। हालांकि यह उन अनेक कानूनों का सारांश पेश करता है जिनका पालन कंपनी के रूप में प्रेस्टीज के लिए करना ज़रूरी है, इसलिए यह नैतिक मूल्यों का वर्णन करते हुए न्यूनतम कानूनी मानकों से भी आगे जाता है।
डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट को लागू कानूनों और कंपनी के मेमोरेंडम और कंपनी के सोसिएशन द्वारा आर्टिकल उन्हें प्रदान किए गए अधिकार की सीमाओं के भीतर कार्य करना होगा और कंपनी और उसके शेयरधारकों/हितधारकों के सर्वोत्तम हितों में सूचित निर्णय और नीतियां बनाने और उन्हें लागू करने का कर्तव्य होगा और वफादारी, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और हितों के टकराव से बचने के मानकों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में इस आचार संहिता और नैतिकता को अपनाना होगा।
इन सिद्धांतों के अनुरूप, कंपनी के बोर्ड ने अपने डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट अधिकारियों से अपेक्षित अच्छी नैतिक और कानूनी मानकों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में इस आचार संहिता (कोड) और नैतिकता को अपनाया है। डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट से अपेक्षा की जाती है कि वे निष्ठा, सद्भावना और हितों के टकराव से बचने के मानकों का पालन करें। इस संहिता में निर्धारित नियम और सिद्धांत सामान्य प्रकृति के हैं और संहिता के अनुपालन को कंपनी की अन्य लागू नीतियों और प्रक्रियाओं के साथ पढ़ा जाएगा।
नियामक वातावरण के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए इस आदर्श आचार संहिता की समय-समय पर बोर्ड द्वारा समीक्षा की जाएगी और इस संहिता में किसी भी संशोधन को बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स द्वारा मंजूर किया जाएगा।
अपने कर्तव्यों का पालन के लिए डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट के अधिकारी होंगे
पूरे भरोसे, जिम्मेदारी, उचित देखभाल, योग्यता और लगन के साथ काम करें तथा अपने स्वतंत्र निर्णय को गौण न होने दें
कंपनी के सर्वोत्तम हित में काम करना तथा दायित्वों को पूरा करना
कंपनी की ओर से ईमानदारी, निष्ठा, नैतिकता और निष्पक्षता के साथ अपनी गतिविधियों का संचालन करें।
कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों के निर्वहन में उचित परिश्रम एवं कौशल का प्रयोग करें और कंपनी के हित एवं समृद्धि के लिए अधिकारों का प्रयोग करें।
किसी भी ऐसे बिज़नेस, संबंध या गतिविधि में संलग्न न हों जो हो सकता हाई कंपनी के हितों के विपरीत हो।
सभी लागू कानूनों, नियमों और विनियमों का पूरि तरह से पालन करना और कंपनी को वैधानिक और नैतिक व्यवहार बढ़ावा देने में सहायता करना तथा कानून, नियमों, विनियमों या आचार संहिता के किसी भी संभावित उल्लंघन की रिपोर्ट करना।
कंपनी की प्रॉपर्टी, सूचना, स्थिति या अवसरों का उपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए या कंपनी के बाहर किसी अन्य उद्देश्य के लिए न करें। कंपनी की प्रॉपर्टी के किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी, मिसमैनेजमेंट या चोरी की घटना की जांच के लिए तुरंत बोर्ड के चेयरमैन या इस संबंध में बोर्ड द्वारा तय किए गए किसी अन्य व्यक्ति को सूचित करें;
कंपनी के बिज़नेस, उसके कस्टमर, सप्लायर आदि से संबंधित कोई भी जानकारी जो पब्लिक डोमेन में नहीं है और जो डायरेक्टर के एक्सेस में है या ऐसी जानकारी उसके पास है, उसे गोपनीय माना जाना चाहिए और गोपनीय रखा जाना चाहिए। जब तक ऐसा करने के लिए अधिकृत न किया जाए और जब कानून के तहत प्रकटीकरण आवश्यक हो, जब तक कि विशेष रूप से अधिकृत न किया जाए; तब तक कोई भी डायरेक्टर्स और /या सीनियर मैनेजमेंट प्रेस या किसी अन्य पब्लिक मीडिया को औपचारिक या अनौपचारिक रूप से कोई भी जानकारी प्रदान नहीं करेगा।
कंपनी का कोई भी डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट निवेश सलाह देकर या कंपनी सम्बंधित मूल्य संवेदनशील जानकारियों एक्सेस करके या उसके अधिकार में होने का लाभ नहीं उठाएगा और न ही दूसरों को लाभ उठाने में सहायता करेगा, जो पब्लिक डोमेन में उपलब्ध नहीं है और इसलिए आंतरिक सूचना का गठन करती है। सभी डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट SEBI (प्रॉहिबिशन ऑफ़ इनसाइड ट्रेडिंग) विनियमन, 1992 का अनुपालन करेंगे तथा इनसाइड ट्रेडिंग रोकने के लिए कंपनी द्वारा तैयार आदर्श आचार संहिता का भी पालन करेंगे।
हर वर्ष या इस संहिता के संशोधन को लेकर डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट के हर सदस्य को इस संहिता की समझ और अनुपालन के प्रति सहमति स्वीकार करनी और इसे लागू करन होगा।
सभी डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट अधिकारी हर वर्ष, 31 मार्च को या उससे पहले, या इस संबंध में तय की गई किसी और तारीख को एक पुष्टिकरण (एनएक्सर 1 के फॉर्मेट के अनुसार) पर इस आशय के साथ हस्ताक्षर करेंगेकि वे इस संहिता को पढ़ चुके हैं और इसका पालन करेंगे।
कोई भी डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट अधिकारी जिसको इस संहिता के अनुपालन को ल्एक कोई चिंता है, उसे अपनी चिंताएं बोर्ड के चेयरमैन को बतानी चाहिए, जो चिंता से निपटने के लिए उचित कार्रवाई तय करेंगे।